कोई व्यक्ति कितना ही महान क्यों न हो ,
आँखे मूंदकर उसके पीछे न चलिए।
यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती ,
तो वह हर प्राणी को
आँख ,नाक ,कान ,मुँह ,मस्तिष्क क्यों देते ?
इंसान कहता है अगर पैसा हो
तो मैं कुछ कर के दिखाऊ ;
और पैसा कहता है कि। ..............
तू कुछ कर के दिखा तो मैं आऊ।
आजकल "रिश्ते "
रोटी जैसे हो गए
जरा सी भी आँच
बढ़ाओ तुरंत जलकर
खाक हो जाते है…….!!
आँखे मूंदकर उसके पीछे न चलिए।
यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती ,
तो वह हर प्राणी को
आँख ,नाक ,कान ,मुँह ,मस्तिष्क क्यों देते ?
इंसान कहता है अगर पैसा हो
तो मैं कुछ कर के दिखाऊ ;
और पैसा कहता है कि। ..............
तू कुछ कर के दिखा तो मैं आऊ।
आजकल "रिश्ते "
रोटी जैसे हो गए
जरा सी भी आँच
बढ़ाओ तुरंत जलकर
खाक हो जाते है…….!!
No comments:
Post a Comment